गुरुवार, 21 जुलाई 2011

सम्पूर्ण ब्लॉग जगत शिव के रंग में रंगा !

                                     '' ॐ नमः शिवाय ''


 श्रावण मास के आरम्भ के साथ ही ब्लॉग जगत में बम-बम भोले का उदघोष गूँज उठा है .शिव के रंग में रंग कर अनेक ब्लोगर अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कर रहे हैं .भारतीय ब्लॉग लेखक मंच पर श्याम गुप्त जी ने ''सबसे प्राचीन भोले भंडारी ...'' आलेख प्रस्तुत कर शिव जी से सम्बंधित ऐतेहासिक जानकारी उपलब्ध करायी है .सवाई सिंह जी अपने ब्लॉग ''आज का आगरा ''पर ''ॐ नम:शिवाय शिव ही सत्य है ''पोस्ट के माध्यम से शिव की स्तुति कर रहे हैं .मैंने भी गौरी शंकर की प्रेरणा से ''शिव महापुराण ''को काव्यबद्ध करने का प्रयास आरम्भ किया है .ये तो मात्र कुछ उदाहरण है .आइये हम सब भी शिव अर्थात कल्याण  के भाव से युक्त हो और अपने राष्ट्र व् समाज को उन्नति  के सर्वोच्च शिखर पर प्रतिष्ठित  करें  .
                                 शिखा कौशिक 
                          

2 टिप्‍पणियां:

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" ने कहा…

बाँट सको तो प्यार बांटो, सच का गला मत घोटो,उस परमपिता भगवान से डरो, नफरत फ़ैलाने वाले पहले क्या कम है, फिर तुम भी अपने को क्यों शामिल करो. यह किताबों लिखे इबारत जरुर है,मगर जीवन में उतार कर देखों. तुम्हारा जीवन सुखमय हो जाएगा.

मेरे आलोचकों-अपनी पूर्व दी सूचना के 24 घंटे बाद तक भी मैंने अपने ब्लॉग पर अपने आलोचकों का नाम माथे(शीर्ष) पर रखा. तर्क संगत आपत्ति करो.हमेशा माथे पर रखूंगा. टिप्पणी बॉक्स में यह "सच कहने पर कोई पाबंदी नहीं" लिख देने से आपका कर्तव्य पूरा नहीं हो जाता है.बल्कि जितना कर सको,उतना ही कहो. जहाज देने की बात कहते हो और सुई तक दी नहीं जाती है. किसी विषय पर मतभेद करो, मगर मनभेद मत करो.दूसरे की थाली में घी ज्यादा देखकर उससे ईर्श्षा मत करों. आखिर क्यों यह दोगलापन?

सभी पाठक देखें और विचार व्यक्त करें. जरुर देखे."प्रिंट व इलेक्ट्रोनिक्स मीडिया को आईना दिखाती एक पोस्ट"

शालिनी कौशिक ने कहा…

शिव ही सत्य हैं और ब्लॉग जगत में सच कहने और उसका सामना करने से न तो कोई न डरता है न डरना चाहिए अपने मन में जो सही लगे उसे कहने में कहीं संकोच नहीं करना चाहिए.शिखा जी आपने इस पोस्ट के माध्यम से ब्लॉग जगत की बहुत आध्यत्मिक जानकारी हमें दी है,.आभार