गुरुवार, 26 अप्रैल 2012

BEST OF LUCK INDIAN SQUAD FOR LONDON OLYMPIC !


सम्पूर्ण भारतीय दल को लन्दन ओलम्पिक हेतु हार्दिक  शुभकामनायें !






जीतेगा वही जो खेलेगा जी जान से ;
रोशन वही है शमा ...लड़ती है जो तूफ़ान से 
जीतेगा वही जो खेलेगा जी जान से .




मुश्किल किसे हैं कहते वो जानता ही नहीं ;
मजिल पाए बिना जो मानता ही नहीं ;
दुनिया में जीत का परचम फहराता है शान से .
जीतेगा वही ..........
[LIKE THIS PAGE AND WISH INDIAN HOCKEY TEAM FOR LONDON OLYMPIC 

मिशन लन्दन ओलंपिक हॉकी गोल्ड





                                   जय हिंद !जय भारत !
                                       शिखा कौशिक 

मंगलवार, 24 अप्रैल 2012

क़ुरआन के बारे में ग़लतफ़हमियों का निवारण (Swami Lakshmi Shankaracharya) & Archarya Sanjay Dwivedi

लोग बूढ़े हो जाएं तो यह नहीं होता कि उनके दिल का मैल भी दूर हो जाए। दिल साफ़ होता है तब जबकि उसकी सफ़ाई की जाए। बूढ़े होने का मतलब यह भी नहीं है कि उसे ज्ञान मिल गया। ज्ञान भी तब ही मिलता है जबकि उसे ज्ञानियों से प्राप्त किया जाए।
आईना टेढ़ा हो तस्वीर भी टेढ़ी ही दिखेगी। दिल भी एक आईना है। क़ुरआन पढ़ने से पहले इसे निर्मल कीजिए और निष्पक्ष हो कर क़ुरआन पढ़िये। तब पता चलेगा कि जो इल्ज़ाम क़ुरआन पर लगा रहे थे, वह बस इल्ज़ाम ही थे, जिनकी कोई सच्चाई कभी थी ही नहीं।
कुछ वजहों से आदमी क़ुरआन का नाम सुनता है लेकिन उसे पढ़ता कभी नहीं है। जब वह पढ़ता है तो उसे लगता है कि मुझसे बड़ी ग़लती हुई जो मैंने क़ुरआन के बारे में औल फ़ौल बका।
स्वामी लक्ष्मीशंकराचार्य ऐसे ही व्यक्ति हैं।
उनकी पोस्ट को यहां देखा जा सकता है-

इस्लाम आतंक ? या आदर्श


इसी के साथ देखिए यह वीडियो कि क़ुरआन क्या सिखाता है ?




और यह वीडियो

Ex-Shankarcharya Sanjay Dwivedi : How Vedas Guide me to Islam from Hinduism


http://youtu.be/KXyTvCnapbo

[ब्लॉग पहेली चलो हल करते हैं ]-ब्लॉग पहेली-२३


ब्लॉग पहेली-२३ 


इस बार पहचाने उन  पांच ब्लॉग का नाम जिस पर प्रस्तुत  पोस्ट  के अंश  हैं ये -


१-धूप मेरे हाथ से जब से फिसल गई जिंदगी से रौशनी उस दिन निकल गई नाव साहिल तक वही लौटी है .


२-जरूर राधा ने मोहिनी डारी है तभी छवि तुम्हारी इतनी मतवाली है जो भी देखे मधुर छवि अपना आप 


भुलाता है ये राधे की महिमा न्यारी है ...


३-जबकि अपने देश में लोग इलाज की कमी से मर रहे हों. देश में 7 लाख डाक्टरों की कमी है. लोग मर रहे 


हैंमगर डाक्टर विदेश में चले जाते हैं. एक एमबीबीएस डाक्टर की पढ़ाई में एम्स में 1.50 करोड़ रूपये का ख़र्च आता.


४-..कल उंगली से रेत पर तेरी तस्वीर बनाई मैंने... .....एक लहर आई अपने साथ ले गई.. ....


फिर क्या था हर तरफ, हर जगह बस तुम ही तुम..


५-*मित्रों!*** * सात जुलाई, 2009 को यह रचना लिखी थी! इस पर नामधारी ब्लॉगरों के तो मात्र 14 कमेंट आये थे मगर बेनामी लोगों के 137 कमेंट आये।*** * एक बार पुनः इसी रचना ज्यों की त्यों को प्रकाशित कर रहा ..


                                                             केवल ब्लॉग का नाम बताएं और विजेता बन जाएँ .
                                                                   
                                                                         शुभकामनाओं के साथ 
                                                                 
                                                                             शिखा  कौशिक 
                                    [ब्लॉग पहेली चलो हल करते हैं ]