गुरुवार, 28 जुलाई 2011

एक ही वर्ष में रहस्यमय तरीके से गायब हो गये थे तीन बच्चे


एक ही वर्ष में रहस्यमय तरीके से गायब हो गये थे तीन बच्चे-भारतीय  नारी   ब्लॉग पर पढ़ें poori घटना और आगे आयें मदद के लिए .
  1. पुलिस ने पाँच वर्ष तक नहीं की रिपोर्ट दर्ज, बाल अधिकार कार्यकर्ता नरेश पारस के अथक प्रयासों से पाँच वर्ष बाद दर्ज हो सकी रिपोर्ट।
  2. बच्चों के गम में पिता ने पहले तो मानसिक संतुलन खोया आठ साल बाद कुत्ते के काटने से हो गई, बच्चों के गम में डूबे पिता ने इलाज भी कराना मुनासिव नहीं समझा।
  3. समय से पहले ही बूढ़ी हो चुकी सोमवती घरों में झाड़ू-पोछा करके बमुश्किल चला रही है घर
  4. थाना पुलिस से लेकर राष्ट्रपति तक लगाई जा चुकी है गुहार, सभी की ओर से मिलता है एक ही ‘‘जबाब तलास जारी है‘‘।-ये थी घटना .श्रवण जी का है आपसे प्रश्न  -

ब्लॉगर sks_the_warrior ने कहा…

क्या हम सब मिलकर कुछ कर सकते हैं ? कुछ मानवाधिकार कार्यकर्ताओ खासकर नरेश पारस जी ने बहुत कोशिशें की .. उन्ही कि वजह से रिपोर्ट लिखी गई.. लेकिन फिर भी कोई कार्यवाही नहीं.. दो-चार अखबारों में सिर्फ ख़बरें छाप देने से भी कुछ नहीं होता... जरुरत है एक संकल्प की .. यहां जो व्यक्ति आगरा से हो वह अगर कुछ करने की इच्छा रखता हो तो संपर्क करे... हमने यह सारी बातें मुख्यमंत्री मायावती और महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल जी तक भी पहुचाई लेकिन अभी - तक कोई कार्यवाही नहीं ... कम से कम कुछ तो मदद मिलनी चाहिए न ? क्या कहते हैं आप लोग?
        
                                  शिखा कौशिक

कोई टिप्पणी नहीं: