शनिवार, 9 जुलाई 2011

हल्ला बोल के संचालक मंडल का गठन

हल्ला बोल के संचालक मंडल का गठन 
नई दिल्ली/आशुतोष {बीबीएस न्यूज़}  करीब तीन माह पूर्व ब्लॉग जगत में एक ऐसे ब्लॉग का शुभारम्भ हुआ जिसे लोग हल्ला बोल के नाम से जानते हैं. यह विशुद्ध रूप से देशभक्त हिन्दुओ का साझा मंच है. हल्ला बोल ने कौशलेन्द्र जी को इस मंच का अध्यक्ष चुना, तत्पश्चात उन्होंने अपनी टीम का गठन करके मंच की धारा को आगे बढ़ाने का मकाम शुरू कर दिया है.
बता दे की ब्लोगिंग-पत्रकारिता के एक दो मंच मैंने और भी देखें हैं जिनका नाम लेना उचित नहीं है..उनका अनुसरण भी किया मगर मैंने देखा की उसमे कुछ समूह विशेष के लोगों एवं ब्लोगर्स या उनके सुर में सुर मिलाने वाले ब्लोगर्स का महिमामंडन और निरर्थक पत्रकारिता से आगे ज्यादा कुछ नहीं दिखता..एक दो पोस्ट अच्छी मिली मगर आकड़ों के लिहाज से निरर्थक पोस्टों की भरमार है... हल्ला बोल की टीम में निम्नलिखित लोग शामिल किये गए  हैं. 
अध्यक्ष -  कौशलेन्द्र जी 
सह सम्पादक - श्री हरीश सिंह जी 
प्रचार-प्रसार अधिकारी - श्री प्रतुल वशिष्ठ जी 

हालाँकि हल्ला बोल कौन है इस बारे में अनिश्चितता बनी हुयी है. पर पिछले दिनों चैट द्वारा हुयी बात चीत में उन्होंने बताया की हल्ला बोल व्यक्ति नहीं एक विचार है. आज जिस प्रकार हिन्दुओ पर कीचड़ उछाला जा रहा है. वह नितांत गलत है. मैं यह मैं नहीं कहता की मुसलमान देशभक्त नहीं होते पर उनकी संख्या बहुत ही कम है. कुछ लोग इस देश को इस्लाम मय देखना चाहते हैं. जिसे हम बर्दास्त नहीं कर सकते. कहा की यह हमारी उदारता है की हम अतिथि को देव मानकर सत्कार करते है पर जो लोग हमारे सत्कार को कायरता समझते हैं. उन्हें मुहतोड़ जवाब देने की आवश्यकता है. आज हर तरफा से भारतीय संस्कृति व परमपराओ का अपमान किया जा रहा है. इसके लिए सभी हिन्दुओ को एकजुट होने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा की हम मुस्लिम विरोधी नहीं है. पर अपने स्वाभिमान की रक्षा करना हमारा दायित्व है. जो सवाल इस मंच के माध्यम से उठाये जा रहे हैं. यदि उन पर किसी को आपत्तिया है तो अपने विचार रख सकता है. हमने बाबर और लादेन के समर्थको को दूर रहने को कहा है. अशफाकुल्लाह खान, वीर अब्दुल हमीद, डॉ. एपीजे कलाम के समर्थको को नहीं. कहा की हमें अफ़सोस है इन्हें मानने वाले रह ही नहीं गए है. हालाँकि उन्होंने साछात्कार देने की बात कही है. जिसे बाद में बात चीत के उपरांत प्रकाशित किया जायेगा.

4 टिप्‍पणियां:

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" ने कहा…

हल्ला बोल ब्लॉग पर काफी विचारणीय और कठुवी सच्चाई से अवगत करते लेख होते है.कुछ दिनों से पढ़ नहीं पा रहा हूँ.मगर समय मिलने पर सारे लेख पढूंगा. यह सही लिखा है कि-हम मुस्लिम विरोधी नहीं है. पर अपने स्वाभिमान की रक्षा करना हमारा दायित्व है. जो सवाल इस मंच के माध्यम से उठाये जा रहे हैं. यदि उन पर किसी को आपत्तिया है तो अपने विचार रख सकता है.
मेरे विचार में किसी विषय मतभेद हो सकते है,लेकिन मनभेद करना और आप शरीर के गुप्त अंगों का नाम लेकर टिप्पणी करें.यह सब शोभा नहीं देता है.बल्कि स्वस्थ मानसिकता से तर्क-वितर्क किया जाना चाहिए और साथ ही आम-आदमी के हितों की रक्षा हेतु ठोस कदम उठाने चाहिए.

बेनामी ने कहा…

uttam vichar

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

आपके ब्लॉग पर न आने का मतलब यह तो नहीं है कि कलाम और अब्दुल हमीद को पसंद करने वाले मुसलमान अब देश में नहीं रहे । यह एक अतिवादी बयान है जिससे फ़ायदा किसी को भी नहीं है ।

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

आपके ब्लॉग पर न आने का मतलब यह तो नहीं है कि कलाम और अब्दुल हमीद को पसंद करने वाले मुसलमान अब देश में नहीं रहे । यह एक अतिवादी बयान है जिससे फ़ायदा किसी को भी नहीं है ।