सोमवार, 29 अगस्त 2011

भारतीय नारी ब्लॉग पर सितम्बर माह का विषय ?


                     निवेदन 

 *  भारतीय नारी ब्लॉग के योगदानकर्ता  आने वाले माह में  किस विषय पर लिखना चाहेंगे ?
*इस ब्लॉग के पाठक किस विषय पर पढना चाहेंगें ?
                             इन विषयों  में से चुनें-
*दहेज़ प्रथा का जीवन पर कुप्रभाव 
*महिला सशक्तिकरण -दशा  व् दिशा 
*कामकाजी  नारी की समस्याएं 
                    अन्य कोई विषय आप सुझाना चाहें तो आपका हार्दिक स्वागत है .३१ अगस्त २०११ तक टिप्पणी रूप में सूचित करने की अनुकम्पा करें .
               
                                                   शिखा कौशिक 
                      http://bhartiynari.blogspot.com

4 टिप्‍पणियां:

शालिनी कौशिक ने कहा…

शिखा जी ,यूँ तो आपका विषय चयन लाजवाब है किन्तु क्योंकि आपने इनमे से एक विषय सुझाने के लिए कहा है तो मैं चाहती हूँ की भारतीय नारी पर सितम्बर महीने का विषय ''कामकाजी महिलाओं की समस्याएं ''रहे.शेष आपकी इच्छा पर निर्भर है क्योंकि ब्लॉग व्यवस्थापक तो आप ही हैं और आपका निर्णय ही हम सभी को मान्य है
.

न छोड़ते हैं साथ कभी सच्चे मददगार

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

कामकाजी औरतों का क्लासिफ़िकेशन यह है -
घरकाजी और बाहरकाजी
दोनों की समस्याएं हैं।
इन दोनों की ही समस्याओं पर विचार विमर्श करना ज़रूरी है जैसा कि शालिनी जी ने भी कहा है।

JHAROKHA ने कहा…

shakha ji
bahut hi achha prayaas hai aapka .aapke sare swal apni jagah apna mahtv rakhte hain.
par main ek aur baat likhna chungi ki ek sawal yah bhi hona chahiye ki naari ----
shrddhyey ya pradarshanniy
yah vichar mere man me bahut dino se hal chal macha raha hai .
is vishhay par main likhna bhi chahti thi par swasthy ki gadbadi se nahi likh paai par jab bhi likh paungi likhungi jarur.ab yah aapke upar nirbhar karta hai ki yah sawal hona chahiye ya nahi.
dhanyvaad
shubh-kamnaao ke saath
poonam

LAXMI NARAYAN LAHARE ने कहा…

आपका विषय चयन प्रसंसनीय है .हार्दिक बधाई ....
मेरे विचार से ...कन्या भ्रूण हत्या जैसे विषय को भी सामिल किया जाना चाहिए साथ ही साथ गद्य ,पद्य दोनों में लेख को सामिल किया जाना चाहिए ..