सोमवार, 11 जुलाई 2011

माही जी हिंदी ब्लॉगिंग के लिए क्या कर रहे हैं ?

श्री ज़ाकिर अली ‘रजनीश‘ आखि़र क्या कह रहे हैं श्री महेश बारमाटे ‘माही‘ जी से ?
और उनकी पोस्ट की छठी टिप्पणी में हमने क्या कहा ?
 और
माही जी हिंदी ब्लॉगिंग के लिए क्या कर रहे हैं ?
यह जानने के लिए देखें यह पोस्ट, ‘हिंदी ब्लॉगर्स फ़ोरम इंटरनेशनल‘ पर

ऐजराज़ या जिज्ञासा ? Mahi

रविवार, 10 जुलाई 2011

हिंदी ब्लोगर्स फोरम इंटरनेश्नल पर देखिये जानकारी हिन्दी टूल की


नए ब्लोगर्स की आसानी के लिए
और हिन्दी को सबके लिए सुलभ बनाने के लिए
आप देखिये यह लेख

हिंदी लिखने का बिल्कुल आसान उपाय Hindi Blogging Guide (9)

 पोस्ट में एक लिंक है जिसे आप अपनी एड्रेस बार में पेस्ट करके Enter करने के बाद आराम से हिंदी से लिख सकते हैं, कहीं भी और कभी भी लेकिन आनलाइन. यह काम  बिल्कुल नया ब्लॉगर भी कर सकता है.
...और भारतीय ब्लॉग समाचार को धन्यवाद कहना न भूलिए .

योग पर एक नए ब्लॉग का शुभारम्भ

भदोही/ उत्तरप्रदेश : हिंदी ब्लॉग जगत जगत में विभिन्न विषयों को लेकर ब्लॉग की शुरुआत की गयी है. हमें एक ही जगह पर क्लिक करने से मनपसंद विषय पढने के लिए मिल जाते है. इसी क्रम में जनपद भदोही से एक और ब्लॉग की शुरुआत की गयी है जो. योग और आयुर्वेद पर आधारित होगा. वैसे तो इस विषय पर कई ब्लॉग है, पर विजय जी का कहना है की वे अपने अनुभूत परीक्षणों को इस ब्लॉग के माध्यम से दुनिया को बताएँगे. यही नहीं वे ऑन लाईन योगा सिखाने साथ उपचार भी करेंगे.
बता दे की योगाचार्य विजय की प्रारंभिक शिक्षा मुंबई तथा उच्च शिक्षा वाराणसी में हुई. उन्होंने योग व मसाज विज्ञान की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन से मान्यता प्राप्त व इंडियन बोर्ड ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन द्वारा मान्य D.Y.M.S. की उपाधि कलकत्ता से प्राप्त की तथा भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त व संचालित संस्थानों द्वारा योग विज्ञान में P.G.D.Y. तथा C.Y.G. की परीक्षाओ को भी उत्तीर्ण किया. उन्हें अभिमन्युश्री, रत्नप्रकाश सम्मान,अचीवमेंट अवार्ड, के अलावा बहुत से सम्मान प्राप्त हुए है., योग व प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में स्वाश्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित आई. आई. टी. कानपुर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सेमीनार में पूर्वांचल का प्रतिनिधित्व किया. मैंने योग व अन्य क्षेत्र में कई पुस्तकों का लेखन व प्रकाशन भी किया है तथा भारत के विश्व स्तरीय समाचार पत्रों में भी योग व हर्बल से सम्बंधित विषयो पर उनके लेख प्रकाशित होते है.उन्होंने स्वदेश के अतिरिक्त अन्य देशो जैसे- फ्रांस, हालैंड, अमेरिका, इंग्लैंड इत्यादि के नागरिको को योग प्रशिक्षण देकर जटिल रोगों का चमत्कारिक इलाज करके प्रसंशा व प्रसंशापत्र प्राप्त किये है. साथ ही विभिन्न राष्ट्रीय- अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओ द्वारा आयोजित योग शिविरों में लोगो को यौगिक प्रशिक्षण देकर लाभान्वित किया है,
उनसे किसी भी समय मो. न. 07499114309 पर संपर्क किया जा सकता है. आईये ब्लॉग परिवार में शामिल इस नए सदस्य का स्वागत करे.
http://yogachary.blogspot.com/

बीबीएलएम मंच ने वक्तव्य देकर बीच बचाव कराया

श्री अशोक कुमार गुप्ता जी ने एक पोस्ट लगाई है बीबीएलएम ब्लॉग पर। उन्होंने अपना तजर्बा बयान करते हुए कहा है कि ज़्यादातर हिंदुओं को अपने धर्मग्रंथों की शिक्षा का सही पता नहीं है और न ही वे उसका पालन करते हैं बल्कि वे तो रामायण और गीता आदि के श्लोक ढंग से दोहरा भी नहीं पाते।
श्री अशोक जी की पोस्ट पढ़कर हमारे राष्ट्रवादी युवा भाई श्री अंकित जी भड़क गए और तुरंत उन्हें इस्लामिक दलाल घोषित कर दिया।
यानि कि आदमी सच बोले तो इल्ज़ाम खाए और अपनी इज़्ज़त गवांए इन राष्ट्रवादियों के हाथों।
ख़ैर तभी बीबीएलएम मंच ने वक्तव्य देकर बीच बचाव कराया।
इस पोस्ट को आप देख सकते हैं यहां

हिंदू कौन , हिंदू की क्या पहिचान हैं

एक संग्रहणीय लेख -- हिन्दू निशाने पर: एक नंगा सच

नयी दिल्ली:अंकित { BBS न्यूज़} : हिन्दी ब्लॉग जगत में अधिकांश ब्लॉग ब्लॉगर या वर्डप्रेस के होते हैं, परन्तु कुछ समाचारपत्रों के
अपने निजी ब्लॉग भी हिं जहाँ पर प्रकाशित हुई रचनाये कई बार ब्लॉग जगत को लोगों की दृष्टि से छूट जाती हैं | इसी श्रंखल में "जागरण JANSTION"में एक लेख प्रकाशित हुआ है
"हिन्दू निशाने पर: एक नंगा सच यह एक संग्रहनीय लेख है | इस लेख में स्वामी पद्मनाभ मंदिर में मिली संपत्ति के बारे में मीडिया के व्यवहार का विवेचन किया गया है और यह बताया गया है की किस प्रकार कई मुस्लिम संस्थाओं के पास इससे कई गुना अधिक संपत्ति है और उसका दुरूपयोग किस प्रकार होता है | इसके अतिरिक्त सरकार और मीडिया द्वारा लगातार हिन्दू धार्मिक संस्थाओं की संपत्ति की तरफ गिद्ध दृष्टि और अन्य धर्मों के धन की अनदेखी की बात तो आंकड़ों , तथ्यों और तर्कों के साथ अत्यंत सुन्दर तरीके से प्रस्तुत किया गया है | तथ्यों के आधार पर लिखे गए इस लेख को देखकर सहज ही अंदाजा हो जाता है की वक्फ बोर्ड की संपत्ति के आगे मंदिर की संपत्तियां नगण्य है. किन्तु सत्ता की लालच में अंधी हो चुकी सरकारे इन संपत्तियों के बारे में कभी बयान नहीं देगी. हद तो यह है की इन सम्पत्तियोंपर कब्ज़ा जमकर बैठे लोग मंदिर की संपत्तियों के बारे में हो हल्ला मचाते रहते हैं.
सच क्या है इस बारे में जानने के लिए इस लिंक पर आयें.


हिन्दू निशाने पर: एक नंगा सच